वॉशिंगटन , जून 24 -- अमेरिका ने कंबोडिया स्थित 'प्रिंस ग्रुप ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन' से जुड़े नौ व्यक्तियों और 26 संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिये हैं।

इसके साथ ही अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर चल रहे साइबर धोखाधड़ी और धन शोधन नेटवर्क के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। यह कार्रवाई अक्टूबर 2025 के उन वित्तीय प्रतिबंधों के बाद की गयी है, जिसके तहत प्रिंस ग्रुप टीसीओ और प्रिंस ग्रुप से जुड़े 146 व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिबंधित श्रेणी में डाला गया था।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता थॉमस 'टॉमी' पिगॉट ने कहा कि अमेरिका 'हुइओने ग्रुप' पर लागू होने वाले 'यूएसए पैट्रियट एक्ट की धारा 311 के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया' में संशोधन का प्रस्ताव कर रहा है, ताकि 'एच-पे सर्विस पीएलसी' और हुइओने ग्रुप की किसी भी संस्था के लिए अमेरिकी डॉलर खातों को प्रतिबंधित किया जा सके।

बयान के अनुसार, प्रिंस ग्रुप टीसीओ के सदस्य उन धोखाधड़ी ठिकानों के मालिक हैं और उनसे मुनाफा कमाते हैं, जो अमेरिका और दुनिया भर के लोगों को शिकार बनाते हैं। उत्तर कोरिया से जुड़े अपराधियों सहित कई घोटालेबाजों ने धोखाधड़ी से कमाये गये पैसों को हस्तांतरण करने और उसे सफेद बनाने के लिए 'हुइओने पे' और 'एच-पे' समेत पूरे 'हुइओने ग्रुप' का इस्तेमाल किया है। अमेरिका इन शातिर आपराधिक नेटवर्कों वाले साइबर अपराध, धोखाधड़ी और ठगी की योजनाओं से अमेरिकी जनता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई धोखाधड़ी के खेल को खत्म करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो डिजिटल संपत्ति निवेश धोखाधड़ी और अन्य साइबर योजनाओं के जरिए अमेरिका और अन्य देशों के पीड़ितों को निशाना बना रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि प्रिंस ग्रुप का नेटवर्क पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में धोखाधड़ी के बड़े केंद्र चलाता है, जबकि हुइओने से जुड़ी सेवाएं साइबर घोटालों और आभासी मुद्रा की चोरी से होने वाली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए मुख्य केंद्र के रूप में काम कर रही हैं।

अमेरिकी अधिकारियों का अनुमान है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में चलने वाले घोटाले के खेल के कारण वर्ष 2024 में अमेरिकियों को कम से कम 10 अरब डॉलर (लगभग 83,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस क्षेत्र के घोटाले केंद्र हर वर्ष अमेरिकी पीड़ितों से अरबों डॉलर चुरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी आपराधिक उद्यमों को खत्म करने और उन्हें वित्तीय सहायता देने वाले नेटवर्कों को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ये प्रतिबंध अक्टूबर 2025 में की गयी पिछली अमेरिकी कार्रवाइयों को और आगे बढ़ाते हैं, जब प्रिंस ग्रुप को एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन घोषित किया गया था, जिसके बाद संपत्ति को फ्रीज करने और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रवर्तन उपाय शुरू करने का रास्ता साफ हुआ था।

अधिकारियों ने कहा कि यह नेटवर्क पीड़ितों को फंसाने के लिए फर्जी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म और धोखाधड़ी वाली भर्ती तकनीकों का इस्तेमाल करता है। इसके साथ ही, यह कथित तौर पर मानव तस्करी के शिकार कामगारों को बड़े पैमाने पर ऑनलाइन घोटाले के खेल में शामिल होने को मजबूर भी करता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारों और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से उठाये गये आज के इन कदमों का उद्देश्य अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक इस नेटवर्क की पहुंच को पूरी तरह से रोकना और अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करना है।

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