रियाद/वाशिंगटन , सितंबर 11 -- अमेरिकी प्रशासन ने हूतियों के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने के सऊदी अरब के इस अनुरोध को खारिज कर दिया।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर वार्ता कर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले शुरू करने का आग्रह किया था लेकिन अमेरिका ने इस मसले पर कार्रवाई करने की इच्छा नहीं दिखायी।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रणनीतिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की ओर हूतियों के कब्जे को देखते हुए क्राउन प्रिंस ने गुरुवार को दो बार राष्ट्रपति ट्रम्प से संपर्क किया। यह अपील ऐसे समय में आई है जब हूतियों के यमन के एक रणनीतिक तटीय शहर और जलडमरूमध्य के मुख्य द्वीप पर कब्जा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य ध्यान फिलहाल सीधे ईरान पर केंद्रित है और वह यमन में एक नया सैन्य मोर्चा खोलने से बचना चाहता है। हालांकि, अमेरिका ने सऊदी अरब को हूतियों के ठिकानों से जुड़ी खुफिया जानकारी और लक्ष्य निर्धारण के बारे में जानकारी देने पर सहमति जतायी है।

उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच यह तनाव जुलाई 2026 में उस समय शुरू हुआ था जब रियाद ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद वरिष्ठ हूती अधिकारियों को लेकर राजधानी सना आ रहे एक ईरानी विमान को उतरने से रोक दिया था। इसके जवाब में हूतियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित