वाशिंगटन/ओटावा , अक्टूबर 23 -- अमेरिका ने तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले कनाडा पर राजनीतिक रूप से लक्षित व्यापारिक उपायों, शुल्क-विरोधी विज्ञापनों और डेमोक्रेटिक राजनेताओं के साथ बैठकों के जरिए अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

ओटावा स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक पत्र में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दूतावास ने कहा, "कनाडाई सरकार अमेरिकी चुनावों में संभावित हस्तक्षेप की चिंताओं को खारिज करती है, भले ही उसके मंत्री और प्रीमियर (प्रांतीय मुख्यमंत्री) आधिकारिक दस्तावेजों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की योजनाओं का खुलकर जिक्र करते हैं।"दस्तावेज में कनाडाई उद्योग मंत्री मेलाने जोली के उन बयानों का विशेष रूप से हवाला दिया गया, जिनमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों के जवाब में रिपब्लिकन झुकाव वाले राज्यों को जवाबी शुल्कों से लक्षित करने की योजनाओं का जिक्र किया था।

श्री जोली ने मार्च में कहा था, "हम ट्रंप प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए प्रमुख रिपब्लिकन राज्यों के अमेरिकी व्यवसायों पर दबाव बनाना सुनिश्चित कर रहे हैं।" गत अगस्त में उन्होंने कहा था, "हम राजनीतिक दबाव बनाने के लिए बुद्धिमत्तापूर्ण और रणनीतिक कदम उठा रहे हैं।"अमेरिका ने सितंबर में बोस्टन और शिकागो में डेमोक्रेटिक अधिकारियों के साथ श्री जोली की बैठकों पर भी सवाल उठाये। साथ ही ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड के शुरू किये गये शुल्क-विरोधी विज्ञापन अभियान पर भी आपत्ति जतायी, जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को संरक्षणवादी व्यापार नीतियों की आलोचना करते हुए दिखाया गया था। दूतावास ने मध्यावधि चुनाव से तीन सप्ताह पहले व्यापार तनाव पर वर्मोंट गोलमेज सम्मेलन में दो डेमोक्रेटिक सांसदों के साथ कनाडाई कॉन्सुल जनरल बर्नाडेट जॉर्डन की मौजूदगी का हवाला दिया। इसके अलावा, 12 प्रमुख रिपब्लिकन-वोटिंग राज्यों और वाशिंगटन डीसी को लक्षित करने वाले कनाडाई सरकार के होर्डिंग अभियान का भी उल्लेख किया गया।

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