वाशिंगटन , जुलाई 20 -- जॉर्डन में एक ईरानी मिसाइल हमले में दो सैनिकों के मारे जाने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर भीषण हवाई हमले किये। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी मध्य कमान ने बताया कि उसके बलों ने रविवार शाम को तीन घंटे तक अभियान चलाया। इस दौरान ईरानी सैन्य कमान केंद्रों, हवाई रक्षा और तटीय निगरानी स्थलों, समुद्री संपत्तियों, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थलों तथा संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया।

इससे पहले रविवार को, मध्य कमान ने घोषणा की थी कि उसने एक अमेरिकी सैनिक का शव बरामद कर लिया है, जो जॉर्डन में एक सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल गिरने के बाद लापता हो गया था। इस मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गयी थी।

इसके अलावा, कमान ने यह भी पुष्टि की कि शनिवार को उत्तरी इराक में एक मार गिराये गये ईरानी ड्रोन के बिना फटे गोले को नियंत्रित तरीके से नष्ट करने के दौरान एक और अमेरिकी सैनिक मारा गया था। हाल ही में हुई इन मौतों के बाद संघर्ष शुरू होने से लेकर अब तक मारे गये अमेरिकी सैनिकों की संख्या 18 हो गयी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों से कहा, " हमें बहुत बुरा लग रहा है, लेकिन आप जानते हैं, वे महान लोग, वे महान देशभक्त वहां इसलिए लड़ रहे थे, ताकि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो सके।"उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान पर 'फिर से बहुत जोरदार' हमला किया है।

श्री ट्रंप ने कहा, "ईरान को बहुत भारी नुकसान हुआ है। वे सैन्य रूप से लगभग सब कुछ खो चुके हैं। उनके पास बहुत कम बचा है। उनके पास कुछ मिसाइलें हैं, कुछ ड्रोन हैं और कुछ निर्माण क्षमता है, जो बहुत अधिक नहीं है। जलडमरूमध्य हमारे नियंत्रण में है और उनके नियंत्रण में कुछ भी नहीं है।"मध्य कमान के अनुसार, शुक्रवार को कम से कम दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें जॉर्डन के मुवाफ्फाक साल्टी एयर बेस से टकराईं, जहां अमेरिकी सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात हैं।

कमान ने कहा कि एक व्यापक खोज अभियान के बाद लापता सैनिक का शव बरामद कर लिया गया है और औपचारिक रूप से शव की पहचान करने के लिए वैज्ञानिक जांच जारी है। इस हमले में एक अन्य सैनिक को मामूली चोटें आयीं, जिसका इलाज किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित