वाशिंगटन , अप्रैल 07 -- अमेरिका और कंबोडिया ने पांच साल के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये (36.1 मिलियन डॉलर) के स्वास्थ्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटेजी' के तहत एशिया में यह इस तरह का पहला समझौता है।
कंबोडिया की शाही सरकार के प्रवक्ता थॉमस 'टॉमी' पिगोट के एक बयान के अनुसार, सरकार के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उद्देश्य एचआईवी/एड्स, मलेरिया और तपेदिक सहित संक्रामक रोगों से निपटने के प्रयासों को मजबूत करना है।
इस समझौते के तहत अमेरिका ने 30.8 मिलियन डॉलर से अधिक का योगदान देने की प्रतिबद्धता जतायी है, जबकि कंबोडिया ने अपने स्वास्थ्य खर्च को 5.3 मिलियन डॉलर से अधिक बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने और निदान, टीकों तथा उपचार तक पहुंच का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस समझौते में वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी पांच मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता शामिल है, जिसके तहत प्रयोगशालाओं के नेटवर्क में सुधार करने के साथ ही मलेरिया को खत्म करने के लिए कंबोडिया के लक्ष्य को समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस सौदे का उद्देश्य संभावित महामारियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने से पहले पता लगाने और उन पर प्रतिक्रिया देने की कंबोडिया की क्षमता को सुदृढ़ करना है। साथ ही स्वास्थ्य प्रणालियों में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देना है।
यह समझौता ट्रंप प्रशासन की स्वास्थ्य रणनीति के तहत एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत अब तक दुनिया भर में 28 द्विपक्षीय समझौते किए जा चुके हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों में अब तक कुल 20.5 बिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग प्रतिबद्धता जतायी गयी है, जिसमें अमेरिका का योगदान 12.7 बिलियन डॉलर का है, जबकि भागीदार देशों का 7.8 बिलियन डॉलर का।
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