बर्गेनस्टॉक , जून 22 -- अमेरिका और ईरान सोमवार को स्विट्जरलैंड में पहले दौर की वार्ता के बाद सीधी बातचीत करने और टकराव टालने का नया तरीका बनाने पर सहमत हुए। यह जानकारी पाकिस्तानी और कतर के मध्यस्थों ने दी है।
मध्यस्थों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि लेक ल्यूसर्न समिट में हुई उच्च-स्तरीय बातचीत उत्साहजनक प्रगति के साथ समाप्त हुई। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत को सकारात्मक बताया है।बयान के अनुसार, अमेरिका और ईरान ने प्रत्यक्ष संवाद की एक लाइन बनाने पर सहमति व्यक्त की है ताकि गलतफहमियों को रोका जा सके और खासकर हॉर्मुज़ की खाड़ी में वाणिज्यिक नौवहन के आसपास होने वाली घटनाओं के खतरे को कम किया जा सके।
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्ष लेबनान सरकार के साथ मिलकर टकराव को टालने पर एक प्रकोष्ठ बनाने पर भी सहमत हुए हैं। यह प्रकोष्ठ देश में लड़ाई खत्म करने से जुड़े वादों के पालन पर नज़र रखने में मदद करेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इज़रायली सेना और ईरान समर्थित हिज़्बुल्ला लड़ाकों के बीच लगातार लड़ाई चल रही है जिससे अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के कमज़ोर पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
उस सहमति पत्र के अंतर्गत दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान खत्म करने का संकल्प लिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान में संघर्ष खत्म करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया है लेकिन यह भी कहा कि नया प्रकोष्ठ ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की पहली बड़ी परीक्षा होगी।
अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक के अनुसार, बर्गेनस्टॉक में हुई बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के हालिया बयानों से पैदा हुई उलझन, नौवहन की आज़ादी सुनिश्चित करने के उपाय और लेबनान में तनाव बढ़ने से रोकने के तरीके शामिल थे।
राजनयिक ने कहा कि बातचीत करने वालों ने भविष्य में संभावित परमाणु समझौते के पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की और इस बात पर सहमत हुए कि आने वाले दिनों में तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के तेहरान लौटने से पहले बातचीत का पहला दौर लगभग 18 घंटे तक चला।
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