यरुशलम , जून 18 -- इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने सुरक्षा क्षेत्र का नया मानचित्र जारी करते हुए कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी अभियान के बीच उसकी सेनाएं फिलहाल वहां से नहीं हटेंगी और निकट भविष्य में क्षेत्र में कब्जा बरकरार रखेंगी।
मानचित्र के अनुसार सीमा के कुछ हिस्सों में इजरायली सैन्य ठिकाने लेबनानी क्षेत्र के भीतर 10 किलोमीटर से अधिक तक फैले हुए हैं। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा, " आईडीएफ के सैनिक दक्षिणी लेबनान में निर्धारित अभियान क्षेत्र में तैनात हैं और खतरों को समाप्त करने तथा इजरायल के उत्तरी क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा मजबूत करने का कार्य जारी रखेंगे।"नये मानचित्र से संकेत मिलता है कि अप्रैल में घोषित 'फॉरवर्ड डिफेंस लाइन' के बाद से इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी मौजूदगी और बढ़ाई है। इसमें नबातियेह शहर के बाहरी इलाकों के निकट के क्षेत्र भी शामिल हैं।
सेना ने कहा कि वह 'संचालन संबंधी आवश्यकताओं' के अनुसार इस क्षेत्र पर नियंत्रण बनाये रखेगी और सीमा पर संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से अभियान जारी रखेगी। आईडीएफ ने लेबनानी सेना से भी अपनी गतिविधियों का समन्वय इजरायली बलों के साथ करने और सैन्य अभियान जारी रहने तक सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने का आग्रह किया है।
दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य मौजूदगी का मुद्दा ऐसे समय में फिर चर्चा में है, जब यरुशलम और बेरूत के बीच आईडीएफ की तैनाती तथा ईरान समर्थित हिजबुल्ला की गतिविधियों को लेकर प्रत्यक्ष वार्ता जारी है। दोनों पक्षों के वार्ता प्रतिनिधिमंडलों की अगले सप्ताह फिर बैठक होने की संभावना है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए प्रस्तावित 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) सार्वजनिक होने के बाद यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है।
चूंकि प्रस्तावित एमओयू के प्रमुख बिंदुओं में लेबनान से इजरायल की वापसी भी शामिल है, इसलिए ईरान लगातार कहता रहा है कि लेबनान में आईडीएफ की निरंतर मौजूदगी समझौते की भावना का उल्लंघन है। आईडीएफ की वापसी से संबंधित प्रस्तावित प्रावधान में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और वर्तमान संघर्ष में उनके सहयोगी सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा करेंगे तथा एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध, सैन्य कार्रवाई, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से परहेज करेंगे। इसमें लेबनान का विशेष जिक्र करके यह भी कहा गया है कि वे लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने का संकल्प लेंगे।
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