तेहरान , मई 01 -- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और देश पर लगाए गए ढेरों आर्थिक प्रतिबंधों के मामले में उसका रवैया गंभीर नहीं है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के एक कार्यक्रम में ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल रुकी हुई बातचीत की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए श्री बगाई ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की पिछली टिप्पणियों को दोहराया।

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल के दौरान ईरान की अमेरिका के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर बातचीत भी चलती रही और अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों को और कड़ा करने का सिलसिला भी जारी रहा ।

पश्चिम एशिया में ईरानी जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैती की घटनाओं में शामिल होने का अमेरिका पर आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा कि ईरान को अब अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका प्रतिबंध हटाने को लेकर गंभीर नहीं है और उसने अपनी पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा है।

ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में गहरा अविश्वास है। उन्होंने दावा किया कि अपने सभी प्रस्तावों में अमेरिका यह उम्मीद करता है कि उसकी ज़्यादा से ज़्यादा माँगें मान ली जाएँ, जबकि ईरान ने हमेशा युद्ध को समाप्त करने और संघर्ष-विराम स्थापित करने के आधार पर ही अपने प्रस्ताव रखे हैं।

ईरान-अमेरिका वार्ता में मध्यस्थ के संभावित बदलाव के संबंध में श्री बगाई ने कहा कि अलग-अलग इरादों वाले कई देशों ने मध्यस्थता करने की अपनी तत्परता जताई है, हालाँकि, फिलहाल आधिकारिक मध्यस्थ पाकिस्तान ही बना हुआ है।

उन्होंने अमेरिका द्वारा एक ईरानी जहाज को ज़ब्त किए जाने का ज़िक्र किया, और इसे समुद्री डकैती का कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तानी मध्यस्थ के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ा रहा है, ताकि हिरासत में लिए गए नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।

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