अमेठी , अगस्त 31 -- उत्तर प्रदेश के अमेठी में सोमवार को एक स्कूल बस सामने से आ रहे कंटेनर से टकरा गई, जिसमें दो दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए।

घटना के बाद सामने आया कि भारी बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा घोषित अवकाश के बावजूद संबंधित विद्यालय संचालित किया जा रहा था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और हादसे की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 11 बजे अलीनगर और थौरी के बीच आरपीएस एकेडमी स्कूल की बस सामने से आ रहे कंटेनर से टकरा गई। हादसे में दो दर्जन से अधिक बच्चे घायल हुए।

उन्होंने बताया कि 15 बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर भेजा गया। इनमें दो बच्चों के फ्रैक्चर होने की जानकारी मिली है, जबकि अन्य बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हादसे के बाद क्रेन की मदद से बस में फंसे कंटेनर को हटाया गया। पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

प्रशासन के अनुसार जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 अगस्त को बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त तथा सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्डों से संबद्ध नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया था।

इसके बावजूद आरपीएस पब्लिक स्कूल, अलीनगर, जगदीशपुर के संचालित होने की जानकारी सामने आई। विद्यालय खुला होने के कारण छात्रों को लेकर जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रशासन के अनुसार हादसे में बस में सवार करीब 16 बच्चे मामूली रूप से घायल हुए। सभी को उपचार के लिए निकटवर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद अधिकांश बच्चों की स्थिति सामान्य बताई गई है। एक बच्चे को मामूली फ्रैक्चर की शिकायत होने पर बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

जिलाधिकारी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अवकाश के बावजूद विद्यालय संचालित करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को दुर्घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शासन-प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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