अमेठी , जुलाई 17 -- अमेठी में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ऑफिस में कार्यरत वरिष्ठ सहायक लिपिक को शुक्रवार को एंटीकरप्शन टीम ने पच्चास हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।एक सेवा निवृत्त ए एन एम की पेंशन फाइल पास करने के नाम पर लिपिक ने 1.20 लाख रुपए की मांग किया था।
एंटी करप्शन अयोध्या टीम ने शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस में तैनात वरिष्ठ सहायक लिपिक संजय मिश्रा को पचास हजार रूपए की रिश्वत के साथ दबोच लिया। पूर्व योजना के तहत दोपहर होते ही एंटीकरप्शन की टीम सीएमओ कार्यालय पहुंच गई। स्वास्थ विभाग से सेवा निवृत्त ए एन एम निर्मला तिवारी के बेटे विशाल तिवारी ने जैसे ही रिश्वत की 50000 रुपये की रकम वरिष्ठ सहायक लिपिक संजय मिश्रा के हाथों में दिया वैसे ही एंटी करप्शन की टीम ने लिपिक को रिश्वत के पैसों के साथ दबोच लिया। इसके बाद आंटी कलेक्शन की टीम आरोपी लिपिक को अपने साथ लेकर पूछताछ और विधि कार्रवाई के लिए रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि मुसाफिरखाना थाने में आरोपी लिपिक से पूछताछ व अन्य विधि करवाई टीम द्वारा की जा रही है। घटना की खबर से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ विभाग की सेवा निवृत्त ए एन एम निर्मला तिवारी से पेंशन फाइल वा अन्य भुगतान के लिए एक लाख बीस हजार रुपए की मांग की गई थी।अब बड़ा सवाल यह है कि इस रिश्वत खोरी के खेल में यह लिपिक ही संलिप्त था या विभाग के अधिकारी भी शामिल है।मामले की पारदर्शिता के साथ जांच होगी तो अन्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है।
रिश्वतखोरी को लेकर सीएमओ कार्यालय काफी दिनों से चर्चा में है। कर्मचारियों के एरियर भुगतान पेंशन, मृतक आश्रित के जॉइनिंग के लिए आए दिन रिश्वत लेने के मामले आते रहते हैं फिलहाल एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे मामले में सीएमओ अंशुमन सिंह ने बताया कि मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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