अमेठी , अक्टूबर 27 -- अमेठी में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के चलते समस्याओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने स्वयं कमान संभाल लिया है। इसी क्रम में रविवार को जिला अधिकारी मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में उतरकर विद्युत आपूर्ति, जलभराव और गोमती नदी के घाटों पर व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया।
विद्युत उपकेंद्र से लेकर रीछ घाट और आम घाट तक निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति सुचारू रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी कराने और बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए।
जिले में विगत चार दिनों से लगातार हो रही वर्षा के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने आम लोगों को राहत देने के लिए खुद ग्राउंड पर उतर आए है। लगातार जिले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे है। इसी क्रम में रविवार को मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर विद्युत व्यवस्था, जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युत उपकेंद्र मुसाफिरखाना, गोमती नदी के रीछ घाट एवं आम घाट का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले विद्युत उपकेंद्र मुसाफिरखाना पहुंचे, जहां उन्होंने बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लगातार हो रही वर्षा के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्युत पोल गिरने, तार टूटने अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की टीमें पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आगामी मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए गोमती नदी के रीछ घाट एवं आम घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने घाटों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वर्षा के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या पर भी गंभीरता से ध्यान दिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना को निर्देशित किया कि जहां-जहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहां तत्काल प्रभाव से जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समस्या के शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वर्षा से प्रभावित फसलों का सर्वे कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है वहां तत्काल सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति एवं अन्य अनुमन्य लाभ उपलब्ध कराए जा सकें। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विद्युत, उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना, तहसीलदार मुसाफिरखाना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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