अमेठी , अगस्त 07 -- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को अमेठी कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लेकर पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को योजना की जानकारी देते हुए इसके लाभ पात्र ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के विकास की नई आधारशिला साबित होगी। रोजगार की गारंटी को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने और मजदूरी में वृद्धि से गरीब एवं श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गांवों में विकास कार्य बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को इससे जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है।
उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र ग्रामीण तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि और मजदूरी दर बढ़ने से ग्रामीण श्रमिकों की आय में सीधा लाभ पहुंचेगा। साथ ही योजना के तहत तैयार होने वाली परिसंपत्तियां कृषि उत्पादन, जल संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करेंगी।
जिलाधिकारी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी, जिलाधिकारी संजय चौहान, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, खंड विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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