अमेठी , अक्टूबर 18 -- उत्तर प्रदेश केअमेठी में 2017 में हुए मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड और लूट के मामले में करीब नौ साल बाद अदालत का फैसला आया है। जिसमें रायबरेली के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम ने पांच दोषियों को धारा 396 के तहत आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना तथा धारा 412 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी ने शुक्रवार को जानकरी देते हुए बताया कि अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में चल रहे अभियोगों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जाने वाला पुलिस-अभियान के अन्तर्गत चिह्नित अभियोग में अभियोजन अधिकारी एवं मानीटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के कारण न्यायालय रायबरेली में भादवि थाना मोहनगंज जनपद अमेठी के प्रकाश में आये छह आरोपियों में से पांच आरोपी ओमप्रकाश उर्फ जगदीश पुत्र लाल बहादुर, कल्लू उर्फ वीरेन्द्र पुत्र ओमप्रकाश उर्फ जगदीश, टिल्कू उर्फ समर बहादुर पुत्र लाले उर्फ रामफेर निवासीगण पूरे गढ़ी अलादीन मजरे भीखीपुर थाना मोहनगंज अमेठी,आशीष उर्फ नन्हा पुत्र इन्द्रपाल वनमानुष, मुकेश उर्फ अरविन्द पुत्र सर्वजीत निवासीगण असनी थाना महराजगंज जिला रायबरेली को दोष सिद्ध कराने में सफलता प्राप्त हुई।
न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रायबरेली जिला द्वारा आरोपियों को 17 अक्टूबर को धारा 396 भादवि में आजीवन कारावास और एक लाख जुर्माना तथा धारा 412 भादवि में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50,000 रुपये का जुमा्रना लगाया गया। जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी गयी। न्यायालय में विचारण के दौरान एक आरोपी सुरेश उर्फ मनोज पुत्र शिवबहादुर वनमानुष निवासी अमरहा थाना डलमऊ रायबरेली जिला की मृत्यु हो गयी।
गौरतलब है कि प्रश्नगत अभियोग में वादी मुकदमा बब्बन पुत्र रामलाल निवासी पूरे रानी मजरे तिलोई थाना मोहनगंज जनपद अमेठी द्वारा 24 मई 2017 की तहरीरी सूचना के आधार पर अज्ञात बदमाशों द्वारा वादी की मां (श्यामा) और भाई (मदन) की हत्या करने तथा घर का सामान लूट ले जाने पर मुकदमा दर्ज हुआ था। थानाध्यक्ष मोहनगंज शेखर सिंह ने साक्ष्य के आधार पर विवेचना में धारा 396/412 भादवि में तरमीम कर प्रकाश में आये छह अभियुक्तों की गिरफ्तारी करते हुए लूटे गये माल की बरामदगी की गयी।
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