बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की चिचोली नगर परिषद में अमृत 2.0 पेयजल योजना के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरसीसी नाली निर्माण के बाद ही पाइपलाइन बिछाने की मांग की है।

जनसुनवाई में सौंपे गए आवेदन में पार्षद नेहा रूपेश आर्य ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 1 और 15 में जिन स्थानों पर पाइपलाइन डाली जा रही है, वहां सड़क किनारे टूटी और खुली नालियां हैं। उनका कहना है कि नाली के समीप पाइपलाइन बिछाने से भविष्य में सीवेज का दूषित पानी पेयजल लाइन में पहुंचने की आशंका बनी रहेगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

शिकायत में कहा गया है कि दोनों वार्डों की पुरानी पेयजल लाइन जर्जर हो चुकी है और नई लाइन की आवश्यकता है, लेकिन पहले स्वीकृत आरसीसी कवर नाली का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि दोनों कार्य तकनीकी रूप से व्यवस्थित ढंग से पूरे हो सकें।

पार्षद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में निकाय निधि से लगभग 48 लाख रुपये की लागत से दोनों वार्डों में आरसीसी कवर नाली निर्माण के लिए टेंडर और कार्यादेश जारी किए गए थे, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

उन्होंने कलेक्टर से नाली निर्माण में हुई देरी की जांच कराने, टेंडर प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करने, स्वीकृत राशि के उपयोग की जानकारी सार्वजनिक करने तथा आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

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