नागौर , जुलाई 17 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से प्रदेश को आज आठ अमृत रेलवे स्टेशनों की सौगात मिली है जो विकसित राजस्थान के संकल्प को गति देने में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। श्री शर्मा शुक्रवार को नागौर के गोटन रेलवे स्टेशन से वीसी के जरिए श्री मोदी के पंजाब के जालंधर से देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करने के कार्यक्रम से जुड़ने के अवसर पर यह बात कही।
बीस राज्यों के इन पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में राजस्थान के आठ अमृत स्टेशन गोटन, डीग, सोमेसर, दौसा, खैरथल, बाड़मेर, जैसलमेर और गंगापुर सिटी भी शामिल हैं।
श्री शर्मा ने विकसित भारत के संकल्प में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, जिससे देश की प्रगति, विकास और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बनी है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे निरंतर नयी ऊंचाइयां छू रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय एवं आधुनिक रेलवे स्टेशन तथा सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाओं के संकल्प के साथ रेलवे के बुनियादी ढांचे का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं तथा रेल कनेक्टिविटी का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें गति और आधुनिकता के नये मानक स्थापित कर रही हैं। नमो भारत रैपिड रेल शहरी कनेक्टिविटी को नयी दिशा दे रही है तथा अमृत भारत ट्रेनें आम यात्रियों को बेहतर और किफायती यात्रा सुविधा प्रदान कर रही हैं। इसी तरह भारत गौरव ट्रेनें हमारी सांस्कृतिक विरासत को देश के विभिन्न भागों से जोड़ रही है। रेलवे विद्युतीकरण भारत को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ा रहा है तथा नये रेल मार्ग, आधुनिक स्टेशन और अत्याधुनिक टर्मिनल देश की आर्थिक प्रगति को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में राजस्थान को रेलवे की ऐतिहासिक सौगातें मिल रही हैं। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान राजस्थान को रेलवे के लिए 682 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 10 हजार 228 करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के रेलवे कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में पांच जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं तथा वर्ष 2014 से अब तक लगभग तीन हजार 900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है। इसी तरह चार हजार 623 करोड़ रुपये की लागत से 85 स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिनमें से कई स्टेशनों का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि गत माह में जयपुर से दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस सेवा प्रारम्भ की गई तथा 205 करोड़ रुपये की लागत से खातीपुरा में विकसित मेगा कोचिंग टर्मिनल का शुभारम्भ किया गया। इससे वंदे भारत सहित विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का रखरखाव एक ही स्थान पर किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। प्रदेश में 567 रूट किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 14 हजार 700 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। शक्ति कार्गाे टर्मिनल योजना के अंतर्गत अनेक टर्मिनल स्थापित किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को विकसित राजस्थान के माध्यम से साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार पानी, बिजली, सड़क, रेलवे से लेकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ प्रदेश को विकास की नयी ऊंचाइयां प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि गोटन अमृत स्टेशन पूरे नागौर क्षेत्र के लिए विकास का नया केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, राज्य के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी, विधायक लक्ष्मण राम कलरू एवं रेवंत राम डांगा तथा अन्य जनप्रतिनिधि, रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।
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