बैतूल , अगस्त 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। करीब 24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चल रहे विकास कार्यों के अंतर्गत स्टेशन पर रामनगर की ओर से भी प्रवेश और निकास की सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में बैतूल रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का मुख्य मार्ग केवल गंज क्षेत्र की ओर से है। इसके कारण रामनगर, बडोरा, आठनेर, भैंसदेही, भीमपुर तथा अन्य क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को ओवरब्रिज अथवा अंडरब्रिज के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर स्टेशन पहुंचना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री सीधे रामनगर की ओर से स्टेशन में प्रवेश और निकास कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी तथा गंज क्षेत्र के व्यस्त यातायात से भी राहत मिलेगी।

योजना के तहत स्टेशन का विस्तार भी किया जा रहा है। मौजूदा तीन प्लेटफॉर्म के अलावा रामनगर की ओर तीन नए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। सभी प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए 40 फीट चौड़ा फुटओवर ब्रिज निर्माणाधीन है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म क्रमांक छह के समीप यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय भी बनाया जा रहा है।

रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए रामनगर की ओर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) स्थापित की जाएगी, जिससे यात्रियों को टिकट लेने के लिए मुख्य स्टेशन भवन तक नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा निजी वाहन लेकर आने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पूर्व में रामनगर की ओर पार्किंग का ठेका दिया गया था, लेकिन उस दिशा में यात्री आवाजाही शुरू नहीं होने के कारण ठेकेदार ने ठेका वापस कर दिया था। अब विकास कार्य पूर्ण होने और नई सुविधाएं शुरू होने के बाद पार्किंग व्यवस्था भी पुनः संचालित की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि स्टेशन पर दोनों ओर से प्रवेश और निकास की सुविधा शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों का आवागमन सुगम होगा। साथ ही गंज क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए होने वाली अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित