अमृतसर , जुलाई 28 -- अमृतसर का श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंगलवार को हब एंड स्पोक मॉडल से जुड़ गया।
अब यहां से विदेश जाने वाले यात्री एयर इंडिया की 'ईजी कनेक्ट' फ्लाइट से अमृतसर में आव्रजन और चेक-इन की सभी प्रक्रिया पूरी कर दिल्ली में ट्रांजिट यात्री की तरह विदेश जाने वाली उड़ानें पकड़ सकेंगे। बनारस के बाद अमृतसर देश का दूसरा शहर है जहां से हब एंड स्पोक मॉडल की शुरुआत की गयी है। यहां से ईजी कनेक्ट की रोजाना दो उड़ानें उपलब्ध होंगी। पहली उड़ान एआई1113 सुबह 9.10 बजे और दूसरी उड़ान एआई1115 रात 10 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी। इन उड़ानों के दिल्ली पहुंचने के करीब चार घंटे के भीतर विदेश जाने वाली संबंधित उड़ानें उपलब्ध होंगी।
सुबह की उड़ान विदेश के 17 शहरों को जोड़ती है जिनमें ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के शहर हैं। वहीं, रात की उड़ान उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया के शहरों को जोड़ती है। इसके साथ ही ईजी कनेक्ट उड़ानों से जुड़ने वाले विदेशी शहरों की संख्या बढ़कर 27 हो गयी है।
नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू ने अमृतसर हवाई अड्डे पर आयोजित उद्घाटन समारोह में जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि मोदी सरकार ने 'उड़ता पंजाब' की परिभाषा बदल दी है। पहले राज्य में जहां सिर्फ दो हवाई अड्डे थे अब उनकी संख्या बढ़कर सात हो गयी है।
दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक के कारण वह उद्घाटन समारोह में नहीं आ सके। उनकी अनुपस्थिति में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने उद्घाटन किया और अमृतसर से जाने वाली पहली ईजी कनेक्ट उड़ान के पहले यात्रियों को बोर्डिंग पास दिये।
मंत्री ने कहा कि हब एंड स्पोक मॉडल से सबसे ज्यादा फायदा अमृतसर को होगा क्योंकि यह "लाखों प्रवासी भारतीय परिवारों का घर और लाखों श्रद्धालुओं का गोल्डेन टेम्पल" है। हर साल अमृतसर से 1.5 लाख लोग दिल्ली होते हुए विदेश जाते हैं और इतने ही विदेशों से दिल्ली के रास्ते अमृतसर आते हैं। वे सभी लोग इस योजना से लाभान्वित होंगे। साथ ही पड़ोसी राज्यों से लोग अमृतसर के रास्ते विदेश जायेंगे जिससे यह संख्या बढ़कर 4.5 लाख होने की उम्मीद है।
श्री नायडू ने कहा कि यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से अमृतसर की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। साल 2030 तक यहां रोजगार के चार लाख अतिरिक्त अवसर पैदा होंगे और तीन करोड़ डॉलर की आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।
हब एंड स्पोक मॉडल को उन्होंने देश के विमानन क्षेत्र के स्वदेशीकरण की योजना करार देते हुए कहा कि इससे भारतीय शहर वैश्विक स्तर पर विमानन के केंद्र बनकर उभरेंगे।
इस योजना में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों को हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं छोटे और मझौले शहर स्पोक केंद्रों की भूमिका में हैं। स्पोक केंद्रों में ही आव्रजन और चेक-इन की सभी प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उसके बाद हब में जाकर यात्री बिना सिक्योरिटी होल्ड एरिया से बाहर निकले और लगेज की चिंता से मुक्त होकर सीधे विदेश जाने वाली फ्लाइट में सवार हो सकेंगे।
इस अवसर पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार और एयर इंडिया के कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख पी. बालाजी भी मौजूद थे।
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