चंडीगढ़ , मार्च 21 -- पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश के बाद शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तरनतारन के पट्टी सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक भुल्लर को अमृतसर में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या के मामले में इस्तीफा देने के लिए कहा गया था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना से जुड़े एक विवादास्पद वीडियो के सामने आने के बाद श्री भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारी की मौत की परिस्थितियों और इसमें विधायक की भूमिका की औपचारिक जांच के आदेश दिये हैं।
गगनदीप रंधावा, जिनके पास भुल्लर के निर्वाचन क्षेत्र 'पट्टी' का अतिरिक्त प्रभार भी था, ने कथित तौर पर सल्फास खाकर खुदकुशी करने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर मंत्री के करीबी को टेंडर देने का दबाव बनाया गया था, जबकि उन्होंने एक वैध बोलीदाता का पक्ष लिया। उन्होंने मंत्री पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और भुल्लर के आवास पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया।
अमृतसर वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की मृत्यु के मामले में पंजाब के विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए आप सरकार को घेरा है।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, " आम आदमी पार्टी पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। अमृतसर वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या कर ली है। अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने मंत्री का नाम लिया और आरोप लगाया कि उन पर 10 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने, टेंडर में हेराफेरी, मारपीट और जबरदस्ती का दबाव बनाया गया था। मैं पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह करता हूं कि वे इस पर स्वतः संज्ञानलें और न्याय सुनिश्चित करें। "शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस्तीफे को 'महज एक नाटक' बताया और सवाल किया कि क्या इस्तीफे से मृत अधिकारी वापस आ सकता है? उन्होंने कहा कि असली न्याय पंजाब की जनता जल्द ही करेगी। उन्होंने कहा, " क्या तुम्हारे मंत्री का इस्तीफा एक मां के बेटे और बच्चों के बाप को वापस ले आएगा भगवंत मान? अगर आपको सचमुच एक ईमानदार अधिकारी की मौत का अफसोस है, तो तुरंत लालजीत भुल्लर पर हत्या का मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार करो और इसकी जांच सीबीआई से करवाओ! क्योंकि पहले भी तुमने अपने मंत्रियों के इस्तीफे लिए थे, लेकिन बाद में मामला ठंडा होता देख उन्हें बहाल कर दिया था। आपके ये ड्रामे अब नहीं चलेंगे! अब बात इंसाफ की होगी।"पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, " वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अमृतसर के वेयरहाउस में काम कर रहा था। उस व्यक्ति ने बयान दिया है कि उसे मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा गंभीर रूप से प्रताड़ित और परेशान किया गया था, जिसके कारण उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। भगवंत मान सरकार को जल्द से जल्द मंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए और उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करना चाहिए। "यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर ने कहा, " अमृतसर का यह बेहद चिंताजनक मामला सत्ता में बैठे लोगों पर गंभीर सवाल उठाता है। वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर निरंतर दबाव का सामना करने के बाद आत्महत्या कर ली। अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने आप मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया और आरोप लगाया कि उन्हें 10 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने और टेंडर में किसी विशेष बोलीदाता का पक्ष लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बुलाकर उनके साथ मारपीट की गयी और एक वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की गयी। ये गंभीर आरोप हैं जिनकी तत्काल और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। उनके फोन को महत्वपूर्ण सबूत के रूप में सुरक्षित किया जाना चाहिए। सीबीआई द्वारा एक स्वतंत्र जांच अनिवार्य है। " कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा, " आम आदमी पार्टी के मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा ही पर्याप्त न्याय नहीं है! हम (कांग्रेस) उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं, क्योंकि डीएम गगनदीप रंधावा की आत्महत्या और मृत्यु की जिम्मेदारी उक्त मंत्री के अहंकार और क्रूरता के कारण है।"पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, " पहले तो फिरौती न दिये जाने के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन अब तो सरकार के मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने के कारण अधिकारियों को अपनी जान देनी पड़ रही है। 'कट्टर ईमानदार' सरकार के राज में पंजाब अपने सबसे कठिन समय से गुजर रहा है। क्या मुख्यमंत्री अभी भी अपनी सरकार को कट्टर ईमानदार लोगों की सरकारकह रहे हैं? "शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और गुरजीत सिंह औजला ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग उठायी है।
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