चंडीगढ़ , जून 19 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमृतसर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एके 47 राइफल, 25 पिस्तौल और 368 कारतूस बरामद होने की घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा हथियारों की इस खेप के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की है।
शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में श्री रंधावा ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हथियारों की इतनी बड़ी खेप बरामद किया जाना सराहनीय है, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। उन्होंने पूछा कि आधुनिक हथियारों की इतनी बड़ी खेप आखिर पंजाब तक कैसे पहुंच गई। यदि समय रहते यह बरामदगी नहीं होती तो इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकवादी हमले, संगठित अपराध या पंजाब का माहौल खराब करने की साजिश में किया जा सकता था।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पंजाब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य की खुफिया एजेंसियां ऐसे नेटवर्क का पहले पता लगाने में क्यों असफल रहीं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान की ओर से हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप पंजाब में भेजी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य के खुफिया तंत्र और कानून-व्यवस्था को और मजबूत किये जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, घुसपैठ रोकना और सीमा पार से होने वाली हथियार तस्करी पर अंकुश लगाना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की लगातार पुनरावृत्ति सीमा सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत करती है। उन्होंने मांग की कि सीमा क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल की निगरानी और गश्त को और अधिक मजबूत बनाया जाए। साथ ही ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और प्रभावी रणनीति अपनायी जाये।
श्री रंधावा ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित हथियार तस्करी और पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब आतंकवाद का दर्दनाक दौर झेल चुका है और राज्य के लोग शांति, भाईचारे और विकास चाहते हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब की धरती को किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि हथियारों की इस खेप के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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