सिलीगुड़ी , जुलाई 15 -- गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रवार को सिलीगुड़ी दौरा प्रस्तावित है, जहां वह शनिवार को उत्तर बंगाल के सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत-बंगलादेश सीमा पर सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, यह बैठक पश्चिम बंगाल सरकार के शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' में आयोजित की जायेगी। इसमें मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, देश से बाहर अवैध पलायन, सीमा पार अपराधों, तस्करी और सीमा पर बाड़ लगाने की प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा।

बैठक में मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और दार्जिलिंग सहित सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य वरिष्ठ नागरिक एवं पुलिस अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे।

सूत्रों के मुताबिक चूंकि दार्जिलिंग जिला बंगलादेश और नेपाल दोनों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है, लेकिन बैठक मुख्य रूप से भारत-बंगलादेश सीमा से जुड़े मुद्दों पर ही केंद्रित रहेगी।

सुरक्षा तैयारियों के हिस्से के रूप में बुधवार को बागडोगरा में अग्रिम सुरक्षा संपर्क बैठक आयोजित की गयी। विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के अधिकारियों ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गृह मंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस बैठक में दार्जिलिंग जिलाधिकारी हरिशंकर पणिक्कर, राज्य सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सूत्रों ने बताया कि श्री शाह के शुक्रवार शाम बागडोगरा पहुंचने और कदमतला स्थित बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय में रात्रि विश्राम करेंगे। शनिवार सुबह उनका जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज जाने का कार्यक्रम है, जहां वे समीक्षा बैठक के लिए उत्तरकन्या जाने से पहले एक विकास परियोजना की आधारशिला रखेंगे और वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में सीमा पर बाड़ लगाने की स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन संवेदनशील हिस्सों में जहां कई वर्षों से भूमि अधिग्रहण का काम लंबित था।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने मालदा, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर, उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी सहित कई जिलों में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि सौंप दी है। मालदा में 20.15 किलोमीटर लंबी सीमा बाड़ के निर्माण के लिए 176.78 एकड़ भूमि सौंपी गयी है। सबसे संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में से एक और 'तीन बीघा कॉरिडोर' के घर, कूचबिहार में 39.39 किलोमीटर लंबी बाड़ के लिए 135.3 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी गयी है। संवेदनशील हिस्सों में बाड़ लगाने के काम को आसान बनाने के लिए शेष सीमावर्ती जिलों में भी भूमि सौंप दी गयी है।

भारत-बंगलादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ, सीमा पार आवाजाही, तस्करी और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर लगातार बनी चिंताओं के बीच यह समीक्षा बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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