सिलीगुड़ी , अप्रैल 21 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

श्री शाह ने सिलीगुड़ी के पास सुकना में दार्जिलिंग, कर्सियांग और कलिम्पोंग निर्वाचन क्षेत्रों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार की देखरेख में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई गोरखा मतदाताओं के नाम काट दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि राज्य में जैसे ही भाजपा सत्ता में आएगी, तो वैसे सभी नाम मतदाता सूची में वापस जोड़ दिए जाएंगे जिनके नाम काटे गए। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व वाली सरकारों पर दार्जिलिंग की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो इस क्षेत्र के मुद्दों का स्थायी समाधान कर सकती है।

श्री शाह ने गोरखा मुद्दे का जिक्र करते हुए सुश्री बनर्जी पर आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद उन्होंने इस मसले पर चर्चा करने को दिल्ली में हुई बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि एक वार्ताकार नियुक्त किया गया है और एक रिपोर्ट तैयार की गयी है, जिसके आधार पर भाजपा सरकार बनाने के बाद संवैधानिक ढांचे के भीतर गोरखा लोगों की आकांक्षाओं और मांगों को पूरा करेगी।

श्री शाह ने गोरखा आंदोलन के दौरान व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किए गए राजनीतिक रूप से प्रेरित सभी मामले वापस लिए जाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "हम गोरखा मुद्दे को इस तरह से हल करेंगे कि लोगों को फिर से आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"श्री शाह ने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र पर बात करते हुए क्षेत्र के कई विकास पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना शामिल है। उन्होंने गोरखा समुदाय को समर्पित एक खेल विश्वविद्यालय, एक जनजातीय विश्वविद्यालय और एक वन अनुसंधान संस्थान की योजनाओं की भी घोषणा की।

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