चंडीगढ़ , अक्टूबर 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए तीर्थयात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं की सुरक्षा और नशा तस्करोंके खिलाफ कार्रवाई में कथित देरी पर सवाल उठाए हैं।
श्री चुघ ने रविवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत चलने वाली बसों की सुरक्षा को लेकरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के नोटिस और नशीले पदार्थों के तस्करों पर कार्रवाई के लिए पीआईटी-एनडीपीएस कानून के इस्तेमाल में देरी से सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बसों की फिटनेस, चालकों की योग्यता और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान सवाल उठाया था कि देश में पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 929 मामले दर्ज होने के बावजूद पंजाब में एक भी मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया।
श्री चुघ ने कहा कि इसके बाद राज्य सरकार की ओर से इस कानून के संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने से सवाल उठताहै कि इसका इस्तेमाल पहले क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम, 1988 के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और शर्तों के अधीन नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ एक वर्ष तक निवारक हिरासत का आदेश दिया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि अधिसूचना जारी करना शुरुआती कदम है और वास्तविक परिणाम कानून के निष्पक्ष एवं प्रभावी इस्तेमाल से सामने आएंगे।
श्री चुघ ने सरकार से नशा तस्करी के नेटवर्क और उसके वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई करने, पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही तय करने तथा नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि कानून के इस्तेमाल में कथित देरी के लिए कौन जिम्मेदार है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार घोषणाओं और प्रचार पर अधिक जोर देती है, जबकि पंजाब को सुरक्षा और ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा वर्ष 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
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