चंडीगढ़ , नवंबर 02 -- चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एचएस लक्की ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे पर निराशा जताते हुए कहा कि शहरवासियों को इस दौरे से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वर्षों से लंबित समस्याओं पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में है, इसलिए गृह मंत्री की जिम्मेदारी थी कि वे शहर के लोगों को राहत देने के लिए समयबद्ध निर्णय लेते।

श्री लक्की ने कहा कि कॉलोनियों के मालिकाना हक का मामला हजारों परिवारों से जुड़ा है। केवल मूल आवंटियों को मालिकाना हक देने की शर्त से उन परिवारों को नुकसान होगा, जिन्होंने वर्षों पहले वैध दस्तावेजों के आधार पर मकान खरीदे हैं। उन्होंने मांग की कि वर्तमान निवासियों और वास्तविक कब्जाधारकों को भी मालिकाना हक दिया जाए।

उन्होंने कहा कि शहर के गांवों में लाल डोरे से बाहर बने 30 हजार से अधिक मकान और दुकानें नियमित करने, पानी के कनेक्शन देने तथा लैंड पूलिंग योजना लागू करने पर भी कोई घोषणा नहीं हुई। वहीं, हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों को नोटिस भेजने के बजाय वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के माध्यम से राहत दी जानी चाहिए।

श्री लक्की ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए एफएआर बढ़ाने और लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड करने की मांग उठाते हुए कहा कि शेयरवाइज रजिस्ट्री का मामला भी लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है।

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