मोहाली , अक्टूबर 1 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने के दावे पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राज्य में नशे के प्रसार के लिए जिम्मेदार है।
श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती अकाली सरकार के कार्यकाल में पंजाब में 'चिट्टा' का प्रसार हुआ और नशा कारोबारियों को संरक्षण मिला तथा उस समय भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल थी। उन्होंने कहा कि अब भाजपा द्वारा नशामुक्त पंजाब की बात करना उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने श्री शाह के पंजाब दौरे के दौरान महंगाई, किसानों की मांगों और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं किये जाने पर भी सवाल उठाये।
श्री सिद्धू ने कहा कि आम परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव और किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों, विशेषकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, पर केंद्र को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब के लोग तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन को नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने नवंबर 2021 में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी और बाद में संसद ने इन्हें निरस्त किया था। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा के पास नशे को खत्म करने का कोई प्रभावी उपाय है तो उसे भाजपा शासित राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों और गोवा में कथित मादक पदार्थ तस्करी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सीमा के रास्ते मादक पदार्थों की कथित तस्करी पर भी सवाल उठाया और कहा कि सीमा सुरक्षा बल तथा केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में सफलता नहीं मिली है।
श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि श्री शाह का पंजाब दौरा राज्य के प्रमुख मुद्दों पर ठोस जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि नशे, महंगाई, खेती, रोजगार और पंजाब के आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों परकेंद्र को ठोस नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
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