चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहके पंजाब दौरे के बीच भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार को सीमा पार से तस्करी और नशीले पदार्थों के रूप में इस्तेमाल हो रही दवाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री पन्नू ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब सरकार ने कुछ फार्मास्युटिकल दवाओं को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून के दायरे में लाने के लिए केंद्र को कई बार पत्र लिखे, लेकिन कोई जरूरी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को सीमा पार से तस्करी की चुनौती का सामना करना पड़ता है और ड्रोन के जरिए तस्करी रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन प्रणालियां लगाई हैं।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फैसले का जिक्र करते हुए श्री पन्नू ने कहा कि सरकार ने परिवार की मांग स्वीकार की है, ताकि उसे न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए और किसी की मौत को राजनीतिक लाभ का जरिया बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री पन्नू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किए गए 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के तहत पुलिस, नागरिक प्रशासन और करीब एक लाख सदस्यों वाली गांव एवं वार्ड रक्षा समितियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

भाजपा से सवाल करते हुए आप नेता ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में पंजाब में चिट्टे का संकट गंभीर हुआ था। उन्होंने कथित छह हजार करोड़ रुपये के नशा तस्करी मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच कहां तक पहुंची और कथित आरोपियों को विदेश से भारत लाने के लिए क्या कदम उठाए गए।

श्री पन्नू ने वर्ष 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा नेता सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल और अन्य नेताओं से पूछा कि उन्होंने अपने पिछले राजनीतिक कार्यकाल में नशे के खिलाफ कितनी प्रभावी आवाज उठाई थी। कांग्रेस नेता राजा वड़िंग की अफीम की दुकानें खोलने संबंधी टिप्पणी पर भी उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने की जरूरत है, न कि नशे को सामान्य रूप में पेश करने की। उन्होंने श्री शाह से यह भी पूछा कि नशे के खिलाफ मार्च के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों अर्शदीप सिंह और विनोद काली के परिवारों की मदद के लिए पार्टी ने क्या कदम उठाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग तथा पीड़ित परिवारों के प्रति जवाबदेही भी जरूरी है।

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