धार , जुलाई 9 -- मध्यप्रदेश में धार जिले के बदनावर तहसील स्थित ग्राम दत्तीगारा में अमानक बीज उपचार दवा के उपयोग से सोयाबीन फसल प्रभावित होने के मामले में कृषि विभाग ने संबंधित डीलर और कंपनी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने डीलर का कीटनाशी विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दवा का स्टॉक भी जब्त कर लिया है।
कृषि विभाग के अनुसार ग्राम दत्तीगारा के किसान प्रहलाद सिंह राठौर सहित क्षेत्र के 35 से अधिक किसानों ने सोयाबीन बीज उपचार के लिए 'बरदान' नामक दवा का उपयोग किया था। इसके बाद किसानों ने शिकायत की कि फसल का अंकुरण प्रभावित हुआ है और पौधों की वृद्धि सामान्य नहीं हो रही है।
शिकायत मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने कानवन स्थित महावीर इंटरप्राइजेस का निरीक्षण किया। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर फर्म का कीटनाशी विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा 'बरदान' दवा का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया। दवा के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए फरीदाबाद स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग की टीमें प्रभावित किसानों के खेतों का सर्वे भी कर रही हैं।
विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कानवन थाना पुलिस ने महावीर इंटरप्राइजेस के संचालक दिनेश जैन तथा गुजरात बायो इन्सेक्टीसाइड, इंदौर के संचालक राजकुमार चौधरी के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम की धारा 29 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासन ने कहा है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित