लखनऊ , अक्टूबर 12 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र लिखकर सवाल किया कि सपा के लिए जीवन खपाने वाले कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को कितनी राजनीतिक भागीदारी मिली है।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी की बात करती है, लेकिन पार्टी में राजनीतिक अवसरों का लाभ बार-बार एक ही परिवार को मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता संघर्ष करते हैं, जबकि सत्ता और राजनीतिक पदों का लाभ परिवार के सदस्यों को मिलता है।
श्री मौर्य ने बताया कि अखिलेश यादव के नाम लिखे खुले पत्र को वह ई-मेल के माध्यम से भेजेंगे और सोशल मीडिया पर भी साझा करेंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष से पत्र में उठाए गए सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। मौर्य ने सपा नेतृत्व के परिवार के विभिन्न सदस्यों के राजनीतिक पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री रहे और अखिलेश यादव भी सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री बने।
उन्होंने डिंपल यादव, शिवपाल सिंह यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप यादव, आदित्य यादव और अक्षय यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों की राजनीतिक भूमिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों को जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और सहकारी संस्थाओं में मिले पदों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि राजनीतिक अवसरों के वितरण में परिवार को प्राथमिकता क्यों मिलती दिखाई देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं और पार्टी के दूसरे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने के बजाय परिवार के सदस्यों को अवसर देने का सिलसिला जारी रहा है। मौर्य ने कहा, "अखिलेश जी, सत्ता आपके परिवार को और संघर्ष कार्यकर्ता का, आखिर यह व्यवस्था कब तक चलेगी? सामाजिक न्याय के नाम पर परिवारवाद नहीं चल सकता।" उन्होंने कहा कि यह सवाल उन कार्यकर्ताओं की राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा है, जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है।
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन की भूमिका, चुनावी रणनीति और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के संबंध में बैठक में चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग मोर्चा संगठन को मजबूत करने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करेगा। मौर्य ने भाजपा के नारे 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी पिछड़े वर्गों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए प्रयासरत है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मौर्य ने कहा कि यह कोई नया मुद्दा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का अपना इतिहास रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का भी उल्लेख किया। मौर्य ने सपा पर अराजक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने से पहले अपनी राजनीतिक कार्यशैली और इतिहास पर भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि अखिलेश यादव को खुले पत्र में उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, यह बहस केवल दो राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व से भी जुड़ी है।
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