अमरोहा, फरवरी 23 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हमेशा की तरह रमजान के मौके पर शिया और सुन्नी समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के चलते मस्जिद पर ताला लगाकर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि यह घटना जिले के थाना सैदनगली क्षेत्र की एक मस्जिद से जुड़ी हुई है, जहां नमाज अदा करने को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से गहरे मतभेद हैं। यह विवाद पिछले छह वर्षों से जारी है। सुन्नी समुदाय के लोग मस्जिद में नमाज, तरावीह और अन्य इबादतें अदा करने की इजाजत चाहते हैं, जबकि शिया समुदाय लगातार विरोध करता चला आ रहा है। विवाद बढ़ने पर मामला वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में चला गया जहां मामला लंबित है, अंतिम फैसला होने तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
उन्हाेने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी रमजान के पवित्र महीने में तरावीह नमाज को लेकर तनाव बढ़ गया था।विवाद बढ़ने और दोनों पक्षों के बीच तनातनी की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया। उच्चाधिकारियों की अनुमति से दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई गई। लंबी बातचीत के बाद आपसी सहमति से फैसला हुआ कि वक्फ ट्रिब्यूनल का अंतिम निर्णय आने तक मस्जिद में किसी भी पक्ष को नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके तहत शुक्रवार शाम को मस्जिद का ताला लगा दिया गया। मस्जिद परिसर में पुलिस का पहरा लगा हुआ है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और शांति बनी रहे। प्रशासन और पुलिस ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह कदम केवल अस्थायी है और ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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