अमरोहा , जुलाई 17 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे के बीच अभिभावक संघ से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर त्यागी ने जिले की विकास प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी परिसंपत्तियों की उपेक्षा और निजी शिक्षण संस्थानों में लगातार बढ़ रहे वीआईपी आयोजनों के कारण शिक्षा और जनहित दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
श्री त्यागी ने कहा कि गजरौला रेलवे स्टेशन रोड स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का गेस्ट हाउस, जहां कभी वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्धारकों का ठहराव होता था, आज जर्जर अवस्था में उपेक्षा का शिकार है। उनका आरोप है कि सरकारी व्यवस्थाओं की इस कमजोरी का लाभ निजी विश्वविद्यालय उठा रहे हैं और वीआईपी कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी संस्थागत ब्रांडिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर स्थित मुरादाबाद के निजी विश्वविद्यालय लंबे समय से सरकारी एवं वीवीआईपी कार्यक्रमों की मेजबानी करते रहे हैं। अब अमरोहा के निजी शिक्षण संस्थान, विशेषकर श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय, भी इसी दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार विभिन्न संस्थानों के बीच अधिकाधिक वीआईपी कार्यक्रम आयोजित कराने की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
सुधीर त्यागी ने कहा कि प्रत्येक वीआईपी कार्यक्रम के साथ संस्थानों को व्यापक मीडिया प्रचार मिलता है, जिससे बिना अतिरिक्त खर्च के उनकी छवि मजबूत होती है और इसका प्रभाव सीधे अभिभावकों तथा विद्यार्थियों पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शासन स्तर पर कभी यह आकलन किया गया है कि लगातार होने वाले ऐसे कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई कितनी प्रभावित होती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार मौजूदगी के कारण कुछ निजी शिक्षण संस्थान स्थानीय स्तर पर समानांतर "पावर सेंटर" बनते जा रहे हैं। उनका कहना था कि आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों की बजाय इन संस्थानों के प्रबंधन तक पहुंचने लगे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इन संस्थानों की उच्च स्तर तक सीधी पहुंच है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित