अमरोहा , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में अतिक्रमण और अवैध कब्जों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं सार्वजनिक संपत्तियां भी अवैध कब्जों की चपेट में आती जा रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मरों की आड़ लेकर नाले और नालियों को पाटकर उन पर भारी जेनरेटर स्थापित कर दिए गए हैं। फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट पर भी बड़े पैमाने पर कब्जे किए गए हैं। कहीं बैरिकेडिंग कर निजी फुलवारी बनाई गई है तो कहीं इन स्थानों का उपयोग सुरक्षा कक्ष के रूप में किया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों पर अवैध होर्डिंग और बोर्ड लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और हादसों की आशंका बनी रहती है।
जिले के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर अतिक्रमण की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। बदायूं-बिल्सी स्टेट हाईवे-51 तथा दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-09 को जोड़ने वाला गजरौला का मुख्य चौपला और जोया की सर्विस रोड अतिक्रमण के कारण काफी संकरी हो चुकी है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार मंडी धनौरा की शेरपुर चुंगी, चौधरी चरण सिंह पार्क और कलाली मार्ग सहित महादेव चुंगी तथा अमरोहा नगर के कई प्रमुख चौराहे और गलियां भी अवैध कब्जों से प्रभावित हैं।
औद्योगिक क्षेत्र गजरौला के अल्लीपुर चौपला से चांदपुर मार्ग पर स्थिति और अधिक खराब बताई जा रही है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा फुटपाथों पर खान-पान और फलों के ठेले लगवाए जाने से रोडवेज बसों के रुकने तक की जगह नहीं बची है। आरोप है कि जब बस चालक या परिचालक वाहन खड़ा करने का प्रयास करते हैं तो अवैध कब्जाधारी अभद्रता और विवाद पर उतारू हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार सड़कों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों को कब्जामुक्त कराने के प्रति संबंधित विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। टूटी सड़कें, चोक नाले और जलभराव की समस्या से आम जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी केवल पुलिस पर नहीं छोड़ी जा सकती। इसके लिए नगरपालिका प्रशासन और संबंधित विभागों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
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