अमरोहा, मई 26 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिला प्रशासन ने किसानों से उर्वरक के संतुलित उपयोग की अपील की है।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने मंगलवार को बताया कि संतुलित उर्वरक के उपयोग से किसान न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधार सकते हैं बल्कि खुद को समृद्ध भी बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि 26 मई तक जिले में 11,093 मीट्रिक टन यूरिया, 2,944 मीट्रिक टन डीएपी और 5,446 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक मौजूद है। किसान अपनी जोत और फसल की जरूरत के अनुसार ही खाद का प्रयोग करें, क्योंकि यूरिया की अधिकता न केवल मिट्टी की उर्वरता कम करती है बल्कि फसलों में बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देती है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए विभाग ने मयंक कुमार, रवि तोमर, प्रवीन सिंह, प्रदीप कुमार और राहुल कुमार जैसे अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी है जिनसे किसी भी समस्या या सुझाव के लिए संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे रसीद बुक, स्टॉक रजिस्टर और पीओएस मशीन के आंकड़ों को दुरुस्त रखें और केंद्रों पर रेट बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद किसानों को बेचता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से मिट्टी की सेहत सुधारना और किसानों को समृद्ध बनाना है।
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