कोलकाता , मई 23 -- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने भारत के चार दिवसीय दौरे पर शनिवार को अपनी पत्नी के साथ कोलकाता पहुंचे।

श्री रूबियो आज सुबह कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरे और सीधे तलताला स्थित 'मदर हाउस' गए, जिसके बाद दिन में बाद में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली रवाना हो गए।

पिछले 14 वर्षों में किसी अमरीकी विदेश मंत्री का पश्चिम बंगाल का यह पहला दौरा है। इससे पहले तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन मई 2012 में इस शहर में आई थीं।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने श्री रूबियो के कोलकाता दौरे की घोषणा सोशल मीडिया पर की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि श्री रूबियो अपने पहले भारत दौरे के लिए कोलकाता पहुंचे हैं और वे शनिवार को बाद में नई दिल्ली में श्री मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगले कुछ दिनों में होने वाली चर्चाओं का मुख्य केंद्र व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और 'क्वाड' समूह होगा।

अमरीकी विदेश विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली रवाना होने से पहले श्री रूबियो का कोलकाता में एक बच्चों के आश्रम (चिल्ड्रन्स होम) का दौरा करने का भी कार्यक्रम है। वह 26 मई तक भारत में रहेंगे। उनके कार्यक्रम में आगरा और जयपुर के दौरे भी शामिल हैं।

श्री रूबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश में पहली बार सरकार बनाई है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में भी इस दौरे का कूटनीतिक महत्व बढ़ गया है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज एक बार फिर बढ़ोतरी की गई, जो पिछले 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी है।

श्री रुबियो से कोलकाता रवाना होने से पहले, जब इस मुद्दे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संक्षेप में जवाब दिया कि भारत अमेरिका का "एक अच्छा मित्र" है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भारतीय मंत्रियों और 'क्वाड' देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों को लेकर काफी उत्साहित हैं।

श्री रूबियो के 26 मई को होने वाली 'क्वाड' बैठक में शामिल होने की उम्मीद है, जो उनके भारत दौरे के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे।

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