अमरावती , सितंबर 08 -- महाराष्ट्र में अमरावती और वर्धा ज़िलों में पिछले 20 दिनों में चार लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाघिन की सोमवार को वन विभाग द्वारा बेहोश कर पकड़े जाने के कुछ ही घंटों बाद ही मौत हो गई।
अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बाघिन की मौत से फ़िलहाल तो खतरा टल गया है, लेकिन इसने इंसान और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते टकराव की चुनौती को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस घटना ने मानव आबादी क्षेत्रों में बाघ-तेंदुए के बढ़ते दखल और बाघों की बढ़ती संख्या से जुड़े खतरों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसी ही स्थिति 2018 में भी बनी थी, जब 'अवनि' नाम की बाघिन ने कई लोगों की जान ले ली थी ।अमरावती ज़िले में दो लोगों की मौत के बाद वह पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जंगलों में चली गई थी, जिसके बाद उसे खोज निकाला गया था।जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ रही है, वन्यजीव गलियारों , उनके रहने की जगह के प्रबंधन और इंसानों एवं जंगली जानवरों के बीच टकराव को कम करने के उपायों पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
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