अमरावती , अगस्त 24 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल की विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में सोमवार तड़के आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत की घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि अगर राज्य सरकार के अधिकारियों की लापरवाही पायी जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस बीच, कांग्रेस विधायक सुलभा खोडके ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए सुश्री खोडके ने मौतों पर गहरा शोक जताया और कहा कि यदि लापरवाही पायी जाती है तो जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए व्यापक जांच कराने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।आग सोमवार तड़के अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में लगी थी। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि वेंटिलेटर में खराबी या विस्फोट के कारण आग लगी होगी, हालांकि सटीक कारण का पता लगाया जाना अभी बाकी है।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रभावित इकाई से शिशुओं को बाहर निकालने के लिए तेजी से काम किया। कई बच्चों को सुरक्षित बचाकर इलाज के लिए अन्य चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि तीन नवजातों ने इस हादसे में दम तोड़ दिया। इस घटना में शिशु झुलस गए हैं और उनका इलाज चल रहा है।
इस त्रासदी ने गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्निशमन सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।नवजात इकाई में अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियों के कामकाज और उपकरणों के रख-रखाव को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं।
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