श्रीनगर , जून 12 -- जम्मू-कश्मीर में आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा तैयारियों और आपातकालीन स्थिति से निपटने के तरीकों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को अनंतनाग जिले में पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र बलों (सीएपीएफ ) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर पहलगाम के नुनवान बेस कैंप में एक सुरक्षा अभ्यास का आयोजन किया।

दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित गुफा मंदिर की यह यात्रा तीन जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त को समाप्त होगी। पुलिस के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि इस अभ्यास का मकसद यात्रा के दौरान संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों की तैयारियों, आपसी तालमेल और प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को परखना था।

सुरक्षा अभ्यास में आपातकालीन स्थितियों के अलग-अलग हालात बनाए गए, जिससे इसमें शामिल एजेंसियों को अपनी संचालन तैयारियों का आकलन करने और प्रतिक्रिया देने के तरीकों को बेहतर बनाने में मदद मिली। इस अभ्यास में अनंतनाग पुलिस, सीएपीएफ , राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) , दमकल एवं आपातकालीन सेवाएं , स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा अभ्यास में तेज़ी से प्रतिक्रिया देने, प्रभावी संचार, लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रियाओं, भीड़ प्रबंधन और एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल पर ध्यान केंद्रित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने अभ्यास की निगरानी की और इसमें शामिल टीमों के प्रदर्शन की समीक्षा की। तैयारियों को और मजबूत करने और यात्रा के लिए तैनात सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए।

इस बीच, मध्य कश्मीर के गांदरबल ज़िले में पुलिस ने सालाना यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सफल बनाने के लिए सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों के साथ एक व्यापक समन्वय बैठक की। बैठक की अध्यक्षता गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुधांशु धामा ने की। पुलिस ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रा के लिए तैनात सभी सुरक्षा और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना था। बैठक में सुरक्षा इंतज़ामों, तैनाती की योजनाओं, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन स्थिति से निपटने के तरीकों, संचार प्रणालियों और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी।

उन्होंने यात्रियों की सुविधा और भलाई के लिए बालटाल आधार शिविर और अन्य कैंपिंग जगहों पर सभी ज़रूरी सुविधाओं जैसे रहने की जगह, साफ़-सफ़ाई, चिकित्सा सहायता, पीने का पानी, बिजली और अन्य लॉजिस्टिकल ज़रूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। अधिकारियों ने आपातकालीन योजनाओं की भी समीक्षा की और यात्रा के दौरान किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी स्तरों पर उच्च स्तर की तैयारी, सतर्कता और आपसी तालमेल बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया।

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