कोलकाता , जुलाई 29 -- तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है जिसमें उनकी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्भर कर दिया था।

इस मामले पर तीन अगस्त को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। इससे पहले श्री बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था और आंखों की पुरानी बीमारी के ज़रूरी इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई के दौरान एसएसकेएम अस्पताल को श्री बनर्जी की हालत की जांच के लिए तुरंत एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि उनके विदेश दौरे पर आखिरी फैसला बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

श्री बनर्जी ने उस निर्देश पर आपत्ति दर्ज करते हुए अब शीर्ष अदालत में इस आदेश को चुनौती दी है और तुरंत दखल देने की मांग की है। अपनी याचिका में श्री बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सभी जांच में पूरा सहयोग किया है।

उन्होंने बताया कि डीजे मामले में अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने अपना आवाज का नमूना भी दिया था। इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त नहीं दी गई है और आखिरकार उन्हें उच्चतम न्यायालय से राहत मांगनी पड़ी है। सूत्रों के अनुसार, श्री बनर्जी अपनी आंखों के इलाज की ज़रूरत का हवाला देते हुए कुछ समय से विदेश जाने की इजाज़त मांग रहे हैं। आंखों की पुरानी चोट की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें समय-समय पर जांच और इलाज के लिए विदेश जाने की सलाह दी है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हालांकि, शुरुआती कार्यवाही के दौरान विदेश में इलाज की ज़रूरत पर सवाल उठाया और कहा कि कोलकाता में कई ऐसी आधुनिक मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं जो आंखों के इलाज के लिए विशेष सेवाएं दे सकती हैं।

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