कोलकाता , जुलाई 15 -- तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के पिछले हफ्ते के आदेश का पालन करते हुए बुधवार को निचली अदालत के समक्ष अपने आवाज का नमूना दर्ज कराया।

उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को चेतावनी देते हुए श्री बनर्जी को बुधवार दोपहर तक आवाज का नमूना देने का आदेश दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि ऐसा न करने पर 'डीजे टिप्पणी' मामले में उन्हें अदालत से मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली जायेगी।

इसी आदेश के तहत डायमंड हार्बर से सांसद श्री बनर्जी सुबह 11:49 बजे बिधाननगर अदालत पहुंचे और दोपहर 1:27 बजे आवाज के नमूने की प्रक्रिया पूरी कर वहां से रवाना हो गये।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आयोजित इस सत्र के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों और राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर अदालत परिसर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इससे पहले आठ जुलाई को श्री बनर्जी मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं हुए थे, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने चेतावनी दी थी कि आवाज का नमूना देने से बचने पर उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से मिली अदालती सुरक्षा हटा ली जायेगी।

यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक जनसभा में श्री बनर्जी के दिये उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव परिणाम आने के बाद विपक्ष के घरों के बाहर बड़े-बड़े डीजे साउंड सिस्टम बजाये जायेंगे, जिससे विरोधियों के 'कान गूंज उठेंगे'।

रैली के बाद एक विपक्षी मतदाता ने शिकायत दर्ज करायी कि यह टिप्पणी चुनाव बाद होने वाली लक्षित हिंसा और आपराधिक धमकी की परोक्ष चेतावनी थी, जिसके बाद मामले की जांच सीआईडी और साइबर अपराध विभाग को सौंप दी गयी थी।

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