भरतपुर , सितम्बर 23 -- राजस्थान में डीग जिला मुख्यालय पर मंगलवार को पीडब्ल्यूडी कार्यालय में सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता के साथ हुई मारपीट, अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने की घटना से जिलेभर के अभियंताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
घटना के विरोध में बुधवार को भरतपुर जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत 50 से अधिक अभियंताओं ने नारेबाजी कर अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इंजीनियर्स फोरम भरतपुर के बैनर तले एकत्रित हुए अभियंताओं ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों के भीतर मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो जिले के सभी विभागों के अभियंता सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे।
आक्रोशित अभियंताओं के अनुसार फील्ड में सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले अधिकारियों पर लगातार बढ़ रहा दबाव, धमकी और हिंसा अब असहनीय हो चुकी है। मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी एवं भरतपुर विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में किसी ठेकेदार या फर्म की संलिप्तता पाई जाती है तो उसे तुरंत काली सूची में डाला जाना चाहिए। अभियंताओं ने चिकित्सकों की तर्ज पर राज्य में "राजस्थान अभियंता संरक्षण अधिनियम' लागू करने की पुरजोर मांग की है।
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