वाराणसी , अगस्त 12 -- झारखंड में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) इकाई ने बुधवार को विश्वविद्यालय के सिंहद्वार पर प्रदर्शन किया और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलनरत छात्रों की मांगों को तत्काल स्वीकार करने और परीक्षा व्यवस्था में सामने आई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक ही विवादित परीक्षा एजेंसी से बार-बार प्रतियोगी परीक्षाएं कराया जाना परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में आक्रोश है।

अभाविप कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि झारखंड में छात्र करीब 20 दिनों से प्रतिकूल मौसम और कठिन परिस्थितियों में अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा आदेश देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

अभाविप के केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रमुख राहुल राणा ने कहा कि छात्रों की मांगों की अनदेखी करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने परीक्षा संबंधी सभी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के साथ ही मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

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