गोरखपुर , जुलाई 09 -- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर गोरखपुर महानगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के सभागार में 'संकल्प से सिद्धि की ओर' विषय पर संगोष्ठी 'ध्येयम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह मुख्य वक्ता तथा विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. विजय रंजन, विष्णु उपाध्याय, डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, अभाविप गोरक्ष प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल, गोरखपुर महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक शाही तथा विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी शामिल रहे।
संगोष्ठी में विद्यार्थियों को परिषद की 78 वर्षों की ध्येय यात्रा, संगठन की कार्यदृष्टि और राष्ट्र पुनर्निर्माण के संकल्प से परिचित कराया गया। इस दौरान परिषद द्वारा समय-समय पर चलाए गए आंदोलनों, रचनात्मक कार्यक्रमों तथा छात्र और समाजहित में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को राष्ट्र, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।
मुख्य वक्ता अभय प्रताप सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्थापना काल से ही विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और चरित्र निर्माण के संस्कारों का संचार करती रही है। उन्होंने कहा कि परिषद केवल छात्र हितों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित छात्र संगठन है। परिषद की कार्यपद्धति विद्यार्थियों को यह बोध कराती है कि शिक्षा केवल जीविका अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन निर्माण और समाज-राष्ट्र की सेवा का आधार है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल समस्याओं को रेखांकित करने वाला संगठन नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए सक्रिय, संवेदनशील और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है।
मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद ने उनके व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि परिषद की प्रेरणा से अनेक विद्यार्थी 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ विभिन्न क्षेत्रों में समाज और राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिषद के 78 वर्षों का इतिहास केवल आंदोलनों का नहीं, बल्कि रचनात्मक परिवर्तन का इतिहास है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार, छात्रहित, सेवा कार्य और राष्ट्रीय एकात्मता के क्षेत्र में परिषद ने निरंतर उल्लेखनीय कार्य किए हैं। स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन इंटरस्टेट लिविंग (एसईआईएल) कार्यक्रम के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत और देश के अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकात्मता को सशक्त बनाने का कार्य किया गया है, जिससे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को बल मिला है।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में परिषद के कार्यकर्ताओं ने गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से "छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है" के ध्येय वाक्य को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया।
अंत में अभाविप गोरखपुर महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक शाही ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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