पटना , जुलाई 02 -- बिहार सरकार राज्य में सस्ते कोल्ड स्टोरेज की सुविधा बढ़ाने के लिए योजना लेकर आई है। कृषि विभाग का उद्यान निदेशालय राज्य कोल्ड स्टोरेज संबंधी योजना के तहत इच्छुक किसानों, उद्यमियों, कंपनियों या फर्मों को 50 प्रतिशत का भारी अनुदान दे रहा है। माना जा रहा है कि इससे राज्य के छोटे और मध्यम किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
चतुर्थ कृषि रोडमैप के अंतर्गत बागवानी विकास कार्यक्रमों के लिए नए कोल्ड स्टोरेज के निर्माण तथा कार्यरत कोल्ड स्टोरेजों में सोलर पैनल की स्थापना एवं सोलर पैनल कूल चैंबर के लिए अनुदान की योजना चलाई जा रही है। कोल्ड स्टोरेज में सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना के लिए बिहार कृषि ऐप पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
योजना के अंतर्गत राज्य के वर्तमान में मौजूद 50 कोल्ड स्टोरेज इकाइयों को सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे बिजली पर निर्भरता कम की जा सके और किसानों को सस्ती दर पर भंडारण की सुविधा प्राप्त हो सके। सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने की अनुमानित लागत अधिकतम 35 लाख रुपये है, जिस पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 17.50 लाख रुपये प्रति कोल्ड स्टोरेज सहायता अनुदान दिया जाएगा। वहीं, इसका लाभ लेने वाले कोल्ड स्टोरेज मालिक वर्तमान दर से न्यूनतम 25 प्रतिशत कम दर पर किसानों के उत्पाद का भंडारण करेंगे।
यह योजना राज्य के उन 12 जिलों के लिए लाई गई है, जो कोल्ड स्टोरेज की सुविधा के मामले में पिछड़े हुए हैं। ये 12 जिले मधुबनी, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, जमुई, मुंगेर, जहानाबाद, लखीसराय, शेखपुरा, अरवल तथा शिवहर हैं।लाभुकों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। इस पहल से न सिर्फ किसानों को सस्ता कोल्ड स्टोरेज मिलेगा, बल्कि फलों और सब्जियों की बर्बादी भी रुकेगी। साथ ही, राज्य में मजबूत वैल्यू चेन सिस्टम तैयार होगा, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। माना जा रहा है कि सरकार की इस पहल से किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।
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