पटना , मई 19 -- माज कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। अब सभी लेडी सुपरवाइजर (महिला पर्यवेक्षक) को आंगनबाड़ी केंद्रों पर खुद जाकर वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था की शुरुआत पूर्णिया जिले से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले माह से इसे पूरे राज्य में सख्ती से लागू किया जाएगा।
विभाग ने सभी डिस्टिक प्रोग्राम मैनेजर (डीपीओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नई व्यवस्था को हर हाल में लागू कराएं। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रों पर नियमित उपस्थिति, पोषाहार वितरण, बच्चों की देखभाल और अन्य गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में भी बदलाव किया है। जिलों को दिशा-निर्देश दिया है कि वह अपने स्तर से केंद्र के टाइमिंग को बदले और सिर्फ पोषाहार के बाद बच्चों को घर भेज दें।
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