नयी दिल्ली , जुलाई 18 -- सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को शनिवार को जंतर मंतर से हटाकर जबरन अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक-अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने शनिवार को कहा कि अब वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।

श्री दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने श्री वांगचुक के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें जबरन वहां से ले गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें चादरों से ढंककर ले गयी, जबकि यदि कार्रवाई सही थी तो ऐसा करने की आवश्यकता नहीं थी।

उन्होंने कहा, "सोनम सर (वांगचुक) को घसीटकर और गाली-गलौज करते हुए यहां से ले जाया गया। अगर सरकार को लगता है कि सोनम सर को उठाकर यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो ऐसा नहीं होगा। आंदोलन जारी रहेगा और 20 जुलाई को यहीं से संसद तक मार्च निकाला जाएगा।"श्री दीपके ने पुलिस की कार्रवाई को "गुंडों जैसी हरकत" बताते हुए कहा कि आंदोलनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "अब तक हम चाहते थे कि नीट-यूजी पेपर लीक के बाद विद्यार्थियों की आत्महत्याओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दें, लेकिन आज सरकार ने जो किया है, उसके बाद हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।"उल्लेखनीय है कि श्री प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ 21 दिन से आमरण अनशन पर बैठे श्री वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने आज सुबह उन्हें जंतर-मंतर से हटा दिया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश का पालन करते हुए उनको सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल को जल्द से जल्द खाली कर दें।

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