रामपुर , मई 29 -- उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी नेता एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट मामले में बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सजा को रद्द करते हुए उनकी अपील स्वीकार कर ली।
पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के पुत्र अब्दुल्ला आजम को एमपी-एमएलए कोर्ट ने पांच दिसंबर 2025 को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, जिस पर 25 मई को सुनवाई पूरी हो गई थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि मामला 30 जुलाई 2019 का है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए और उन्हें अलग-अलग पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया।
सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद निचली अदालत का फैसला निरस्त करते हुए अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया। साथ ही अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाए जाने की अपील भी खारिज कर दी गई। हालांकि, दो पैन कार्ड मामले में सजा होने के कारण अब्दुल्ला आजम फिलहाल जेल से रिहा नहीं हो सकेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित