नारायणपुर , फरवरी 17 -- छत्तीसगढ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता में, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 38वीं वाहिनी ने अबूझमाड़ क्षेत्र में छुपाकर रखे गए एक विशाल नक्सली डम्प का पता लगाकर उसे बरामद किया है। यह कार्रवाई अग्रिम चौकी (सीओबी) जाटलूर से संचालित सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।
आईटीबीपी से मंगलवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर 38वीं वाहिनी के कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के निर्देशन में यह अभियान शुरू किया गया। एंटी डकैती पार्टी (एडीपी) और बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) की संयुक्त टीम ने सीओबी जाटलूर से लगभग 3.5 किलोमीटर पश्चिम में स्थित हाइट-669 नामक दुर्गम इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में छुपाकर रखा गया डम्प बरामद हुआ।
डम्प मिलने की सूचना पर ऑपरेशन कमांडर एवं सहायक सेनानी राम कुमार मौर्य के नेतृत्व में बीडीडीएस टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरे क्षेत्र को संदिग्ध विस्फोटकों से मुक्त कराया और डम्प की गहन जांच की। सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद सभी बरामद सामग्री को कैंप लाया गया।
तलाशी के दौरान इस डम्प से हैंड ग्रेनेड, पावर बैंक, डायरी, नक्सली बैनर, प्रचार सामग्री, कैमोफ्लाज बैग, पुरुष एवं महिलाओं के कपड़े, नक्सली वर्दी, रैंक (स्टार), टॉर्च, एयर फोन, कई फोटोग्राफ और दवाइयां बरामद की गईं। अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री से पता चलता है कि माओवादी इस क्षेत्र में लंबे समय तक रुकने और अपने नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बना रहे थे।
दुर्गम इलाका होने और सुरक्षा कारणों से कुछ अनुपयोगी तथा नष्ट हो चुकी सामग्री को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। शेष महत्वपूर्ण सामग्री को सुरक्षित रूप से सीओबी जाटलूर लाया गया।
इस पूरे ऑपरेशन में न तो किसी सुरक्षाकर्मी को क्षति पहुंची और न ही किसी आम नागरिक के हताहत होने की सूचना है। बरामद सभी सामग्रियों का जब्ती मेमो तैयार कर विधिवत कार्रवाई के लिए पुलिस थाना ओरछा, नारायणपुर को सौंप दिया जाएगा।
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