जोहान्सबर्ग , मार्च 29 -- दक्षिण अफ्रीका में बुद्धिजीवी स्टीवन ग्रुज्ड के अपहरण और हत्या के संबंध में पुलिस ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि अपहरण के पीछे कोई यहूदी विरोधी (एंटीसेमिटिज्म) मंशा थी।
श्री ग्रुज्ड भारत-अफ्रीका संबंधों में विषेज्ञता रखते थे, वह ब्रिक्स के नीतियों पर भी गहरी पकड़ के लिए जाने जाते थे। उनके शोध और विचारों ने भारत-अफ्रीका के बीच कूटनीतिक संबंधों को समझने और उन्हें प्रगाढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक प्रमुख राजनीतिक विश्लेषक के रूप में ख्याति प्राप्त श्री ग्रुज्ड शुक्रवार को मृत पाए गए थे। इससे पहले गुरुवार की शाम जोहान्सबर्ग में एक बैठक में शामिल होने के बाद उनका अपहरण कर लिया गया था।
पुलिस के अनुसार, यह अपहरण 'एक्सप्रेस किडनैपिंग' के पैटर्न जैसा लगता है, जिसमें तुरंत भुगतान के लिए छोटी फिरौती मांगी जाती है।
दक्षिण अफ्रीकी अंतर्राष्ट्रीय मामलों के संस्थान (एसएआईआईए) में अफ्रीकी शासन और कूटनीति कार्यक्रम के लंबे समय तक प्रमुख रहे श्री ग्रुज्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ थे। उनके सहयोगियों और साथियों ने उन्हें एक प्रखर विद्वान और पूरे महाद्वीप में लोकतांत्रिक पारदर्शिता के लिए अथक प्रयास करने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित किया।
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