इंफाल , अप्रैल 22 -- मणिपुर पुलिस ने मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चुराचांदपुर जिले में 'हिनची' नामक सामुदायिक पहल शुरू की है।
पुलिस ने बुधवार को कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से शुरू की गयी इस पहल का अर्थ "जीवन के बीज" है, जो आशा और नये आरंभ का प्रतीक है। इसका उद्देश्य उन संवेदनशील क्षेत्रों को, जहां अवैध अफीम की खेती होती रही है, वैध कृषि गतिविधियों के केंद्र में बदलना है।
इस कार्यक्रम के तहत जिले के तीन संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गयी है और निरंतर संवाद के माध्यम से गांव के प्रमुखों तथा 127 परिवारों को वैकल्पिक आय स्रोत अपनाने के लिए जोड़ा गया है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को नकदी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है। चेन्नई स्थित सेगुला टेक्नोलॉजी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से 28 लाख रुपये की सहायता के माध्यम से बड़े पैमाने पर कृषि सामग्री वितरित की गयी है। इसके तहत लगभग 55 हजार किलोग्राम अदरक के बीज, 450 किलोग्राम मटर के बीज और 6,500 केले के पौधे वितरित किये गये हैं।
परियोजना की सफलता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो और स्थानीय गैर-सरकारी संगठन के संयुक्त दल नियमित निगरानी करेंगे तथा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। ये दल फसल कटाई के बाद प्रबंधन और विपणन से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराएंगे।
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