काबुल , फरवरी 27 -- अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एबटाबाद के पास काकुल गांव में एक 'परमाणु सुविधा' और एक सैन्य अड्डे पर हमला किया है।
रूसी समाचार एजेंसी तास (टीएएसएस) की रिपोर्ट के अनुसार, 'सैकड़ों मृतकों और घायलों' को इस्लामाबाद के एक अस्पताल ले जाया गया है।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार को पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में, उसने पाकिस्तान की राजधानी और अन्य स्थानों पर कई सैन्य लक्ष्यों पर हवाई हमले किए। मंत्रालय ने कहा कि अफगान वायु सेना ने इस्लामाबाद में फैजाबाद शहर के पास एक सैन्य शिविर, नौशेरा में सैन्य छावनी, जमरोद में सैन्य कॉलोनी और एबटाबाद में ठिकानों पर हमला किया।
मंत्रालय ने कहा, "इन ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिसमें पाकिस्तानी सेना के प्रमुख सैन्य स्थलों, केंद्रों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।" बयान में कहा गया है कि ये हमले पिछली रात काबुल, कंधार और पक्तिया पर पाकिस्तान की हवाई हमले के प्रतिशोध में किए गए थे।
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद पाकिस्तान के एक विशेष समूह ने इस क्षेत्र को अस्थिर करने का मिशन शुरू किया है।
श्री मुजाहिद ने शुक्रवार को कंधार में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफगान वायु सेना ने सटीक रूप से पाकिस्तानी सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार युद्ध के बहाने गढ़ने की कोशिश करता है और अपने आंतरिक मुद्दों को अफगानिस्तान से जोड़ता है।
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी विमान अभी भी अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। उन्होंने अफगानी हमलों को इस सप्ताह की शुरुआत में अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांत में पाकिस्तानी हमलों के जवाब में किया गया जवाबी हमला बताया।
इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे 'पूर्ण टकराव' की स्थिति बताते हुए चेतावनी दी कि पाकिस्तान के धैर्य की 'सीमा समाप्त हो गई है।'संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष पर चिंता व्यक्त की और दोनों पक्षों से अपने मतभेदों को राजनयिक रास्ते से हल करने का आग्रह किया। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संवाददाताओं से कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों को निभाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
गौरतलब है कि पाकिस्तनी सेना ने पिछले शनिवार रात अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एक मदरसा और नंगरहार प्रांत के बिहसूद जिले में एक रिहायशी घर को निशाना बनाया गया था। बिहसूद हमले में महिलाओं और बच्चों सहित परिवार के सत्रह सदस्य मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। प्रतिशोध में अफगानिस्तान ने गुरुवार रात डूरंड रेखा के पार पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमले किए।
रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से अपना टकराव छोड़ने और बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान किया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, ''रूस को उम्मीद है कि अफगान-पाकिस्तानी सीमा पर सीधा सैन्य संघर्ष जल्द ही समाप्त हो जाएगा।''इस बीच चीन ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष की मध्यस्थता करने की पेशकश की है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यह जानकारी दी।
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