रायपुर , अक्टूबर 04 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र से एक व्यक्ति को जबरन वाहन में बैठाकर उत्तर प्रदेश ले जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे वाहन और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है।

पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार डीएम टावर, रांवाभाठा निवासी अनिता राय ने दो अक्टूबर की रात करीब नौ बजे खमतराई थाने में सूचना दी थी कि उनके पति प्रतीक राय घर नहीं लौटे हैं और उनका मोबाइल भी बंद है। सूचना के बाद पुलिस ने प्रतीक राय की तलाश शुरू की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की।

सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में पुलिस को पता चला कि दो अक्टूबर को दोपहर करीब 2.28 बजे काले रंग की उत्तर प्रदेश पासिंग स्कॉर्पियो में सवार तीन अज्ञात व्यक्ति प्रतीक राय को जबरदस्ती अपने साथ ले गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के निर्देशन और एसीपी उरला पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण में खमतराई पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तकनीकी निगरानी और उसके संभावित मार्ग की पड़ताल शुरू की।

जांच के दौरान स्कॉर्पियो के उत्तर प्रदेश की ओर जाने की जानकारी मिलने पर रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित किया। अहरौरा पुलिस के साथ चौपन, रॉबर्ट्सगंज और संभावित मार्ग में आने वाले अन्य थाना क्षेत्रों को वाहन की जानकारी देकर सतर्क किया गया। संभावित रास्तों पर नाकाबंदी और वाहनों की जांच शुरू की गई।

रायपुर पुलिस वाहन की बदलती लोकेशन और टोल संबंधी जानकारी लगातार संबंधित पुलिस टीमों को उपलब्ध कराती रही। इसी समन्वित कार्रवाई के दौरान मिर्जापुर जिले के थाना अहरौरा की पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोक लिया और उसमें सवार तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए आरोपियों के नाम अभय सिंह (28), निवासी हनुमंत नगर चौराहा, थाना हैदरगढ़, जिला बाराबंकी, बृहस्पत देव सिंह (27), निवासी दरियावगंज, थाना सीहोर और आदर्श सिंह (24), निवासी अलावलपुर, पोस्ट अटीहार, जिला प्रतापपुर, उत्तर प्रदेश है।

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में वाहन और पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के कारण प्रतीक राय को जबरदस्ती अपने साथ ले जाने की बात सामने आई है। आरोपी उसे उत्तर प्रदेश की ओर लेकर जा रहे थे।

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