बारां , सितम्बर 15 -- राजस्थान में बारां के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सत्यनारायण टेलर ने कहा है कि अपहरण, बाल तस्करी और जबरन भीख मंगवाना गंभीर अपराध हैं।

न्यायाधीश टेलर ने मंगलवार को यहां कहा कि बाल तस्करी के शिकार बच्चों से भीख मंगवाने के साथ उन्हें अन्य अवैध गतिविधियों में भी धकेला जा सकता है, जिससे उनके जीवन पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ता है। बच्चों को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए जागरूक और सतर्क रहना जरूरी है।

न्यायाधीश टेलर मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सेमफोर्ड स्कूल में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 'स्ट्रेंजर डेंजर : नो-गो-टेल' विषय पर बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने और संकट की स्थिति में तत्काल मदद लेने की जानकारी दी गयी।

उन्होंने कहा कि किसी भी खतरे का आभास होने पर बच्चे भीड़भाड़ वाली सुरक्षित जगह पर पहुंचें और तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी सूचना दें। स्कूल से घर आने-जाने के मार्ग और दैनिक गतिविधियों के प्रति भी सजग रहें।

कार्यक्रम में बच्चों को अपहरण, बाल तस्करी, बाल श्रम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही अपराधों में शामिल लोगों के लिए निर्धारित कानूनी सजा और बच्चों के अधिकारों के बारे में बताया गया। बच्चों से सतर्कता को लेकर सवाल भी पूछे गए, जिनका उन्होंने तर्कसंगत जवाब दिया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के तहत जिले के विद्यालयों में लगातार विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें कक्षा आठ से 12 तक के विद्यार्थियों को संविधान, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के साथ साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार औरयौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है।

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